शासकीय कन्या महाविद्यालय कटनी में आज दिनांक 4 अप्रैल 2025 को पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम “ऐप को” के अंतर्गत एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझाना था। इस कार्यशाला का संचालन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के कुशल मार्गदर्शन में हुआ, जबकि वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. साधना जैन ने इसके निर्देशन की जिम्मेदारी संभाली। इको क्लब की प्रभारी डॉ. रीना मिश्रा के नेतृत्व में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती मनीषा कनकने, जो वामा टेक की डायरेक्टर हैं, ने छात्राओं को संबोधित किया और उन्हें पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता के साथ-साथ रचनात्मकता का पाठ पढ़ाया।
श्रीमती मनीषा कनकने ने अपने संबोधन में बताया कि कचरे के उत्पादों, जिन्हें आमतौर पर बेकार समझा जाता है, का उपयोग करके सुंदर और मनमोहक वस्तुएँ बनाई जा सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि इन वस्तुओं का प्रयोग घरों और सार्वजनिक स्थानों की साज-सज्जा में किया जा सकता है। यह न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद करता है, बल्कि अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक रचनात्मक और किफायती समाधान भी प्रस्तुत करता है। उनके इस विचार ने छात्राओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी दिखाई। उन्होंने पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के महत्व को उजागर किया। इन पोस्टरों में प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और उनके संरक्षण के तरीकों को दर्शाया गया। छात्राओं ने अपने चित्रों और संदेशों के जरिए यह संदेश दिया कि यदि हम आज प्रकृति की रक्षा नहीं करेंगे, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस प्रदर्शनी ने उपस्थित सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के शिक्षकगण और कर्मचारियों का योगदान सराहनीय रहा। श्रीमती आरती वर्मा, श्रीमती स्मृति दहायत, सुश्री सुषमा वर्मा, श्रीमती मीनाक्षी वर्मा, भीम बर्मन और श्रीमती संध्या सिंह ने आयोजन की तैयारियों से लेकर इसके संचालन तक हर कदम पर महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। इन सभी के सामूहिक प्रयासों से यह कार्यशाला न केवल सफल रही, बल्कि छात्राओं के लिए एक प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक अनुभव भी साबित हुई। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक सकारात्मक सोच विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगा।