रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिले के स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से पदस्थ एक रसूखदार बाबू की पिछले काफी समय से चल रही गंभीर शिकायत की जांच पर आखिर निर्णय सामने आ गया है। निर्णय की खबर मिलते ही स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मच गया है। संभवतः स्वास्थ्य विभाग का पहला ऐसा मामला होगा जब किसी रसूखदार बाबू को रिवर्ट कर भ्रत्य के पद पर पदस्थ कर दिया है। पूरे मामले को लेकर यह बात सामने आई है कि जागरूक नागरिक भवानी गौर द्वारा स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ बाबू रविशंकर दुबे की शिकायत कर उनकी अनुकंपा नियुक्ति में लगाए गए दस्तावेजों की जांच की मांग की गई थी और योग्यता संबंधी दस्तावेजों पर गंभीर सवाल खड़े किए गए थे। इस विषय को लेकर उन्होंने क्षेत्रीय विधायक डॉ सीतासरन शर्मा से भी शिकायत की थी। यह भी आरोप लगाया था कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्थापना एवं लीगल शाखा प्रभारी द्वारा उनके पत्र पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिस पर विधायक डॉ. शर्मा द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तथ्यों पर कार्यवाही सहित वस्तु स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए थे। जिसके आधार पर मुख्य एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश दहलवार द्वारा संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं जयप्रकाश चिकित्सालय परिसर भोपाल के पत्र क्रमांक 601 जे दिनांक 14.03.24 एवं भर्ती नियम अनुसार प्रकरण में प्राप्त निर्देशों के पालन में रविशंकर दुबे सहायक ग्रेड 3 को उनके पद से रिवर्ट कर चतुर्थ श्रेणी(भ्रत्य)के पद पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माखन नगर पदस्थ करने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि जैसे ही यह खबर स्वास्थ्य विभाग में फैली उसके बाद पूरे जिले के स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि रविशंकर दुबे की अनुकंपा नियुक्ति 09.07.1996 को भ्रत्य के पद पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी होशंगाबाद में हुई थी। अनुकंपा नियुक्ति के समय उनके द्वारा हाई स्कूल अंक सूची मार्च वर्ष 1996 फेल की प्रस्तुत की गई थी,जिसके उपरांत वर्ष 2003 में दसवीं पास की सूची प्रस्तुत की गई। इसके उपरांत अगस्त 2004 में तत्कालीन सीएमएचओ द्वारा चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में कर्मचारियों की विभागीय पदोन्नति की गई थी। उस दौरान भी विभागीय डीपीसी पर गंभीर आरोप लगे थे और शिकायतें भी हुई थी। डीपीसी उपरांत रविशंकर दुबे को सहायक ग्रेड 3 के पद पर जिला क्षय केंद्र होशंगाबाद में पदस्थ किया गया था। जब श्री दुबे द्वारा सहायक ग्रेड 3 के वेतन निर्धारण के संबंध में की गई प्रक्रिया पर जिला कोषालय अधिकारी द्वारा रिकवरी आदेश दिए गए तो आदेश के अगेंस्ट में श्री दुबे माननीय उच्च न्यायालय गए, तब माननीय न्यायालय द्वारा 60 दिवस में अभ्यावेदन का निराकरण के निर्देश देते हुए प्रकरण को डिस्पोज कर दिया गया था। वही निराकरण नहीं होने पर श्री दुबे ने उच्च न्यायालय में अवमानना प्रकरण भी दायर किया था। इस मामले में जब सीएमएचओ डॉ. दिनेश दहलवार से जानकारी ले गई तो उनके द्वारा इस बात की पुष्टि की गई है कि जांच प्रतिवेदन और शासन के दिशा निर्देशानुसार सहायक ग्रेड 3 रविशंकर दुबे को पद से प्रत्यावर्तित कर चतुर्थ श्रेणी (भ्रत्य) के पद पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माखन नगर में पदस्थ किया गया है। फिलहाल पूरा मामला सुर्खिया बना हुआ।