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कटनी जिले के रीठी के कछारखेड़ा में प्रयागराज धाम से पधारे पंडित निर्मल शुक्ल जी महाराज ने श्रीराम कथा के प्रथम दिन श्रोताओ को अपनी कथा में बताया कि राम नाम तो अविनाशी है। दुनिया इधर से उधर हो जाए, सब कुछ बदल जाए पर यह राम नाम ज्यों का त्यों यूं ही सदा बना रहेगा। इस राम नाम की महिमा कभी भी कम नहीं होगी बल्कि दिन-प्रतिदिन इसकी महिमा बढ़ते ही जाएगी।
रीठी के ग्राम कछारखेड़ा के हनुमान मंदिर में श्रीराम कथा का आयोजन क्षेत्र वासियो ने किया है. कथा के पहले दिन वक्ता ने विस्तार से बताया कि राम चरित मानस के सात कांड ही सात पुरी है.
राम नाम सबसे बड़ा मन्त्र है। राम नाम की महिमा तो यह है की सदाशिव भोले शंकर भी राम नाम जपते रहते हैं। इसी नाम का वो हर प्रहर जाप करते रहते है। संसार चल ही राम नाम से रहा है। सूर्य, चन्द्रमा, अग्नि, वायु सभी में जो शक्ति है वह राम नाम में समाहित है।
भगवान शिव व पार्वती का मूल स्वरूप श्रद्धा व विश्वास है। शब्द ब्रह्मा होता है और शब्द को संभाल कर बोलना चाहिए। जीवन में अभिमान की शून्यता आ जाए तो श्रद्धा अपने आप आ जाएगी। उन्होंने कहा कि जीवन में राम नाम का बहुत महत्व है। जीवन के हर पल और हर क्षण में राम नाम का स्मरण करते रहना चाहिए.
रीठी के ग्राम कछारखेड़ा के हनुमान मंदिर में दिनांक 29 मार्च से 6 अप्रैल तक राम कथा का आयोजन किया जा रहा है. राम कथा में देश के ख्यातिप्राप्त विद्वान प्रयागराज के पंडित निर्मल शुक्लजी के द्वारा राम कथा कही जा रही है. कथा दोपहर तीन बजे से सायं 6 बजे तक होती है. कथा के प्रधान श्रोता हीरालाल पटेल ने कथा में भक्त जनो से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आग्रह किया है ।
हरिशंकर बेन