यह कार्यक्रम महाविद्यालय के भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जो प्रतिमाह आयोजित होने वाली शैक्षिक और जागरूकता गतिविधियों की श्रृंखला का हिस्सा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की चुनौतियों से परिचित कराना और उनके भीतर इस संवेदनशील मुद्दे के प्रति जागरूकता विकसित करना था। आज के समय में, जब इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है, साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में यह कार्यक्रम छात्राओं को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात, संयोजक डॉ. साधना जैन और मुख्य वक्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटनी डॉ. संतोष डहेरिया ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया। अपने उद्बोधन में डॉ. चित्रा प्रभात ने साइबर सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने छात्राओं को बताया कि तकनीक के इस दौर में साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य वक्ता डॉ. संतोष डहेरिया ने अपने व्याख्यान में ऑनलाइन साइबर अपराधों के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने एक प्रभावी पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से साइबर सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं, अपराधों के प्रकार और उनसे बचाव के उपायों को विस्तार से समझाया। उन्होंने फिशिंग, ऑनलाइन ठगी, डेटा चोरी और सोशल मीडिया दुरुपयोग जैसे खतरों के बारे में जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने छात्राओं को पासवर्ड सुरक्षा, संदिग्ध लिंक से बचने और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने जैसे व्यावहारिक सुझाव दिए।
कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और डिजिटल मार्केटर श्री अमिय कुमार ने भी गूगल मीट के माध्यम से भाग लिया। उन्होंने छात्राओं को व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा पर केंद्रित व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए संदिग्ध ईमेल, मैसेज और अनजान कॉल्स से सावधान रहना चाहिए। उनके सुझावों ने छात्राओं को डिजिटल दुनिया में अपनी गोपनीयता बनाए रखने के लिए उपयोगी टिप्स प्रदान किए।
इस अवसर पर साइबर सुरक्षा से संबंधित पोस्टर प्रतियोगिता में मनीषा अहिरवार को पुरस्कृत किया गया। साथ ही, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के शिविर में भाग लेने वाली छात्राओं नीलम सोनखरे, काजल और रिषिका को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. विमला मिंज, डॉ. किरण खरादी, डॉ. आर.के. गुप्ता, डॉ. अमिताभ पांडेय, प्रो. के.जे. सिन्हा, श्रीमती श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव, डॉ. के.जी. सिंह, डॉ. अशोक शर्मा, श्री भीम बर्मन, श्री प्रेमलाल कॉवरे, श्रीमती प्रियंका सोनी, डॉ. पी.सी कोरी, श्रीमती सृष्टि श्रीवास्तव, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. मैत्रयी शुक्ला,श्री आंजनेय तिवारी, डॉ. वंदना चौहान, श्रीमती रिचा दुबे, डॉ. अनिका वालिया, श्रीमती पूनम गर्ग, डॉ. श्रद्वा वर्मा, डॉ. संजयकांत भारद्वाज, श्री विनीत सोनी, श्रीमती श्वेता कोरी, सुश्री सोनिया कश्यप, श्रीमती रत्नेश कुशवाहा, श्री इमरान खान, श्री मदन सिंह मरावी सहित शिक्षक और छात्राओं की उपस्थिति रही। उनकी भागीदारी ने इस आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बनाया। यह कार्यक्रम न केवल शैक्षिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था, बल्कि छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक और सशक्त बनाने में भी सफल रहा।