ढीमरखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत पिपरिया शुक्ल का मामला,जीआरएस ने अलग अलग ग्रामीणों से ऐंठे रुपये
उमरियापान:- पिपरिया शुक्ल ग्राम रोजगार सहायक अजय कोरी के द्वारा बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से रुपये वसूलने और मनरेगा योजना में जमकर अनियमितता का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जीआरएस की सेवा समाप्ति के बाद मंगलवार को एक बार फिर से मामला सामने आया। ढीमरखेड़ा जनपद सीईओ यजुवेंद्र कोरी,सहायक यंत्री अजय केशरवानी,एडीईओ अजिताब सिंह पिपरिया शुक्ल मामले की जांच करने पहुँचे तो बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हो गए।अधिकारियों ने दर्जनों ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम रोजगार सहायक ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से रुपये वसूले। जिनके घर बाढ़ में प्रभावित नहीं हुए,रुपये लेकर उन्हें भी आपदा का लाभ दिलाया। मनरेगा योजना में भी परिचित और रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी हाजिरी भरकर उनसे भी रुपये ऐंठे। जीआरएस के करीबी उदयभान कोरी,अशोक कोरी और जम्मन कोरी ने अधिकारियों को ग्रामीणों के सामने बयान न देकर जीआरएस द्वारा लिखे कथन को सौंपा।हालांकि जांच के दौरान अधिकारियों ने कथन और पंचनामा कार्रवाई किया है।दरअसल ग्राम रोजगार सहायक अजय कोरी ने बाढ़ आपदा राहत कार्य और मनरेगा योजना में जमकर भ्रष्टाचार किया है।जांच में खुलासा होने के बाद जीआरएस के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई।
इनका कहना है- मामले की जांच के लिए जिले से आदेश जारी हुआ है। जांच के दौरान ग्रामीणों से कथन लिए गए हैं।जांच पूरी होने पर कार्रवाई का प्रतिवेदन अधिकारियों को भेजा जाएगा।:- यजुवेंद्र कोरी, जनपद सीईओ
इन्होंने दिया अधिकारियों को बयान…..
1- एक हजार में 2 सौ दिव्यांग को और 8 सौ रुपये रोजगार सहायक ने लिया:- दिव्यांग अरुण कुर्मी ने जांच में पहुँचे अधिकारियों को लिखित बयान देकर पूरी पोल खोल दी। दिव्यांग ने अधिकारियों को बताया कि मैंने मनरेगा योजना में के तहत काम नहीं किया, फिर भी मनरेगा का मेरे खाते में एक हजार रुपये आया। ग्राम रोजगार सहायक अजय कोरी मेरे पास आया बोला तुम्हारे खाते में हजार रुपये डाला हु।बाइक से बैंक लेकर गया एक हजार रुपये निकलवाया।मुझे 2 सौ रुपये और खुद 8 सौ रुपये ले लिया और किसी को बताने से मना भी किया।
2- पांच हजार दो तो मुआवजा 35-40 हजार रुपये बनेगा:- सुमित्रा पिता राजू पटेल ने अधिकारियों को कथन में बताया कि घर पहुँचे जीआरएस अजय कोरी ने कहा बाढ़ में तुम्हारा ज्यादा नुकसान नहीं है। 10-15 हजार रुपये मुआवजा बनेगा। अगर 5 हजार रुपये दे दोगे तो 35-40 हजार रुपये का मुआवजा मिल जाएगा।यह कहकर जीआरएस ने अपने भाई के खाते में 5 हजार रुपये ऑनलाइन डलवा लिया।
3- दो हजार रुपये ऑनलाइन मांगा:- मुकेश पिता बालमुकुंद पटेल ने लिखित बयान में बताया कि 24 जुलाई 24 को गांव में बाढ़ आई। राहत राशि के सर्वे का कार्य हो रहा था। जीआरएस अजय कोरी मेरे घर आया और बोला कि तुम्हारा नाम सूची में नहीं है। मुआवजा की राशि चाहिए तो 2हजार रुपये दो, सूची में जुड़ जाएगा। जिसके बाद उसने अजय कोरी के खाते में ऑनलाइन 2 हजार रुपये डालें।
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी