छिन्दवाड़ा/08 मार्च 2025/ म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार परस्पर समझौते के आधार पर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिये जाने के उद्देश्य से नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय छिंदवाड़ा तथा तहसील न्यायालय परासिया, चौरई, पांढुर्णा, सौंसर, जुन्नारदेव, अमरवाड़ा, हर्रई, तामिया में प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिन्दवाड़ा श्री सुशांत हुद्दार के कुशल नेतृत्व में किया गया।
नेशनल लोक अदालत में 42 खण्डपीठों के द्वारा मोटर दुर्घटना के 77 प्रकरणों में 28600000 रूपये एवं चेक वाउन्स के 165 प्रकरणों में 26634525 रूपये, श्रम विवाद के 03 प्रकरण में 2405668 रूपये के अवार्ड पारित किये गये तथा राजीनामा योग्य दांडिक 271 प्रकरण, पारिवारिक विवाद के 100 प्रकरण, अन्य सिविल प्रकृति के 55 प्रकरणों में 7059680 रूपये के अवार्ड पारित किये गये, इसी प्रकार विद्युत अधिनियम के 29 प्रक्ररणों में 3170725 रूपये की अवार्ड राशि सहित न्यायालयों में लंबित कुल 771 प्रकरणों में दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर राजीनामा किया जाकर अंतिम निराकरण किया गया। इसी प्रकार बैंकों, नगर निगम/नगरपालिका, विद्युत विभाग के प्री-लिटिगेशन के 3276 प्रकरणों में 738 प्रक्ररण निराकृत किया जाकर 8158850 रूपये की राशि के अवार्ड पारित किये गये।
लोक अदालत में सफलता की कहानी- जिले की तहसील मोहखेड़ की ग्राम पंचायत पौनार थाना लावाघोघरी निवासी श्री योगीराज सोनी उम्र 25 वर्ष ने कुटुम्ब न्यायालय छिन्दवाड़ा में हिन्दु विवाह अधिनियम की धारा 09 के अन्तर्गत वैवाहिक जीवन की पुर्नस्थापना के लिए याचिका प्रस्तुत किया। अपनी याचिका में श्री योगीराज ने बताया कि 26 जून 2023 को उसका विवाह चांद निवासी सरजू सोनी के साथ हुआ था। विवाह के शुरूआती 01 माह तक पत्नी सरजू ठीक ढ़ंग से रही, उसके बाद उसका व्यवहार उग्र होने लगा और बात-बात पर चिड़कर घर का कोई भी काम न करते हुए लड़ने-झगड़ने लगी थी। साथ ही आत्महत्या करने तथा दहेज प्रताड़ना में फंसा देने की धमकी देती थी। बाद में पत्नी सरजू यह कहने लगी की हम संयुक्त परिवार में रहेंगे। हम छिन्दवाड़ा में कमरा लेकर रहेंगे। सरजू सोनी बिना उसके सहमति के जब तब मायके चली जाती थी और उसके चरित्र पर बेवजह संदेह भी करती थी। इसी बीच उसकी पत्नी सरजू सोनी गर्भवती हो गई तो वह कहने लगी की मुझे अभी मां नहीं बनना है, मैं बंधन में नहीं बनना चाहती इसलिए मैं अपना गर्भपात करा लेती हूं, जिस पर योगीराज ने उसे समझाया की ईश्वर ने हमें माता-पिता बनने का सुअवसर दिया है और गर्भपात कराने से मना कर दिया। इसी तरह दोनों के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ता गया और 07 मार्च 2024 को उसकी पत्नी अपने मायके चली गई। इसके बाद उसकी पत्नी सरजू को उसके साथ दाम्पत्य जीवन निर्वाह करने के लिये आदेशित किया गया।
कुटुम्ब न्यायालय छिन्दवाड़ा द्वारा श्रीमती सरजू सोनी को नोटिस देकर न्यायालय में बुलवाया गया तथा न्यायालय द्वारा समझाईश के प्रयास प्रारंभ किये गये। परिणाम स्वरूप 14 दिसंबर 2024 को नेशनल लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री सुशील कुमार तथा सुलहकर्ता सदस्य श्रीमती मीना सोनी के दोनों पति-पत्नी को समझाईश दी गई जिसके परिणाम स्वरूप दोनों पति-पत्नी आपस में एक साथ रहने के सहमत हो गये। जिस पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सुंशात हुद्दार, न्यायालय के पीठासीन अधिकारी श्री सुशील कुमार एवं सुलहकर्ता सदस्य की उपस्थिति में दोनों ने एक दूसरे के गले में पुष्पहार पहनाकर नए सिरे से जीवनयापन करने का संकल्प लिया। इस प्रकार लोक अदालत के माध्यम से एक टूटी हुई गृहस्थी पुनः स्थापित हुई।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*