तामिया विकासखंड के अंतर्गत झिरपा संकुल मैं अनहोनी मार्ग पर एक स्कूल ऐसा भी है जो भगवान भरोसे चल रहा है
यह एक गंभीर समस्या है जो शासकीय प्रथामिक शाला पुरतला में पढ़ाई की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है। यह दुखद है कि पांचवी कक्षा के बच्चों को हिंदी पढ़ने नहीं आता है, जो कि एक मूलभूत कौशल है।
प्रधान अध्यापिका रीना रंगारे की जिम्मेदारी है कि वह स्कूल के बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें और उन्हें अच्छी शिक्षा प्रदान करें। लेकिन अगर वह अपने बच्चे को लेकर स्कूल आती हैं और उसी में व्यस्त रहती हैं, तो यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है।
शासन द्वारा प्रधान अध्यापिका को पूरी सैलरी देने का मतलब है कि वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए तैयार होनी चाहिए। लेकिन अगर वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर रही है, तो यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इस मामले में ध्यान दें और आवश्यक कार्रवाई करें।
प्रशासन को कदम उठाने चाहिए
प्रधान अध्यापिका की जिम्मेदारियों की समीक्षा करें प्रशासन को प्रधान अध्यापिका की जिम्मेदारियों की समीक्षा करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रही हैं।
बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता की जांच करें_ प्रशासन को बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
आवश्यक कार्रवाई करें अगर प्रधान अध्यापिका अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर रही है, तो प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, जैसे कि प्रधान अध्यापिका को बदलना या अन्य आवश्यक कदम उठाना।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*