कालापीपल(बबलू जायसवाल)सरकार द्वारा बनाए गए”ध्वनि विस्तारक”नियमों का पालन नहीं करवाना करवा पा रहा पुलिस प्रशासन,जब शासन द्वारा आदेश किया गया था जब ताबड़तोड़ में पुलिस प्रशासन ने एक मीटिंग रखकर अपने दायित्व से इतिश्री कर ली,अब नगर सहित क्षेत्र में डीजे,मस्जिदों पर माईक बेवकूफ होकर चल रहे है,लेकिन पुलिस कार्यवाही करना ही नहीं चाहती,कई बार समाचार पत्रों में खबर लगाने के बाद भी हूटर बाजों एवं गाड़ी पर सायरन बजाने वालों पर कालापीपल पुलिस प्रशासन कार्यवाही नहीं करता”आखिर क्या कारण है”सरकार के आदेश का सख्ती से पालन क्यों नहीं हो पा रहा है,जब भी पुलिस अधिकारियों से दूर-भाष पर चर्चा की जाती है तो बस एक ही रटा रटाया जवाब देते हैं कि जल्दी कार्रवाई करेंगे,लेकिन अब तो बच्चों के भविष्य का मामला है और शादी ब्याह का सीजन चल रहा है।उसी के साथ लोकल एग्जाम चालू है वहीं 10वीं 12वीं की बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी से शुरू होने वाली है।ऐसे में शादी समारोह में शामिल होने वाले”डीजे”बच्चों की पढ़ाई दखल दे रहे हैं।नगर में जगह-जगह शासन की बगैर परमिशन के खुलेआम डीजे सहित अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्र बज रहे हैं।ऐसी स्थिति में बच्चों को पढ़ाई करना बड़ा मुश्किल हो रहा है,साथ ही बीमार लोगों को रात के समय सोना भी मुश्किल हो रहा है।नगर में रात के समय सड़कों पर दौड़ने वाले चार पहिया वाहनों लगे हूटर व सायरन की आवाज लोगों के कान में गूंज रही है,और तेज ध्वनि वाले साउंड को फूल आवाज में बजाया जा रहा है,वाहन जहां से निकलते हैं,लोगों को भ्रमित कर देते हैं,ऐसी स्थिति में पढ़ाई करने वाले बच्चों का ध्यान भी विचलित होने लगता हैं।
“”डीजे एवं लाउडस्पीकर पर हाईकोर्ट व सरकार का पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है,लेकिन कालापीपल में शासन का नियम तोड़ना एक आम बात””
वहीं अन्य ध्वनि यंत्रों का उपयोग भी रात 10 बजे के बाद जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रतिबंधित है।डीजे बजाने के लिए एसडीएम से अनुमति लेने का प्रावधान भी प्रशासन ने रखा है,लेकिन नियमों को ताक में रखकर डीजे संचालक मनमर्जी से तेज आवाज में बजाते हैं।