उमरियापान:- ढीमरखेड़ा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिन में के अलावा रात को भी बिजली की कटौती की जा रही है। अघोषित कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। कटौती को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।उमरियापान- ढीमरखेड़ा- सिलौंडी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बिजली की ज्यादा समस्या हो रही है। कोई दिन या रात ऐसा नहीं बीत रहा जिस दिन ग्रामीण क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती नहीं की जा रही हो। सुबह- दोपहर और शाम के अलावा रात को भी बिजली की आवाजाही लगी रहती है।बिजली कटौती से प्रतिष्ठानों,लघु व्यवसाय, वेल्डिंग दुकानदार व सरकारी कार्यालयों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद क्षेत्र की बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हो रहा है। ग्रामीण इलाकों में बिना रोस्टर के बिजली आपूर्ति की जा रही है। रात के वक्त कटौती की वजह से चोर-उचक्कों की सक्रियता बढ़ जाती है। इससे ग्रामीण लोग भयभीत हैं। सुबह बिजली आपूर्ति न होने से पेयजल की समस्या होती है। ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।ट्रिपिंग व लोकल फाल्ट की वजह से मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 18 से 20 घंटे तक विद्युत आपूर्ति किए जाने का शेड्यूल निर्धारित है,लेकिन हकीकत में इतनी बिजली नहीं मिल पाती है। वहीं किसान भी बिजली कटौती की समस्या से पीड़ित है।
किसान संघ ने भी बताई बिजली समस्या:-
किसानों को हो रही बिजली समस्या को लेकर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने भी बिजली विभाग के अधिकारियों को समस्या बताई है। भारतीय किसान संघ जिला अध्यक्ष राजेन्द्र पटेल के नेतृत्व में ढीमरखेड़ा, स्लीमनाबाद और बहोरीबंद के पदाधिकारियों ने कार्यपालन अभियंता विपिन सिंह को क्षेत्र की बिजली समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा और किसानों की समस्याओं का निराकरण कराने की मांग की।उन्होंने बताया कि बिजली समस्या के कारण कृषि कार्य प्रभावित हो रहे है। इस मौके पर महामंत्री रूप सिंह राठौर, मीडिया प्रभारी पारस पटेल,तहसील अध्यक्ष बंसत मिश्रा, आशीष चौरसिया सहित बहोरीबंद और स्लीमनाबाद तहसील इकाई के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी