मध्यप्रदेश सरकार की ओर से 700 करोड़ रुपए की लागत से एक नई योजना शुरू की गई है, जिससे प्रदूषित जल को क्षिप्रा नदी में मिलने से रोका जा सके।
इससे सिंहस्थ की दृष्टि से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को क्षिप्रा जी के शुद्ध जल से स्नान करने की व्यवस्था संभव होगी तथा कान्ह नदी के जल का शोधन करके गंभीर नदी में भेजा जाएगा, जहां से किसान सिंचाई के लिए इस पानी को ले सकेंगे।