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हरदा सामान्य वनमण्डल* के *मगरधा वन परिक्षेत्र* के अंतर्गत दिनांक *09 जनवरी, 2025* को **मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड – मध्यप्रदेश वन विभाग* के द्वारा सहप्रायोजक *मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज व्यापार एवं विकास सहकारी संघ मर्यादित* और *मध्यप्रदेश कैम्पा* के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किए जा रहे *”अनुभूति : प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम”* का आयोजन अशोक कुमार (भा.व.से.) मुख्य वन संरक्षक वन वृत नर्मदापुरम के निर्देशन में सफलता पूर्वक किया गया। *शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मगरधा एवं शासकीय हाई स्कूल बड़झिरी* के 126 छात्र-छात्राओं के दल को वनभ्रमण करवा कर प्रकृति की प्रत्यक्ष अनुभूति करवाई गई।
शिविर के प्रारंभ में हरिओम सोलंकी अनुभूति प्रेरक ने *अनुभूति वर्ष 2024-25* की *मुख्य थीम “मैं भी बाघ – हम हैं बदलाव”* के विषय में जानकारी देते हुए अनुभूति शिविर के ‘ *प्रतीक चिन्ह (लोगो)* ‘ के बारे में समझाया। सुबह-सुबह पक्षी दर्शन के पश्चात स्वल्पाहार कराया गया उसके बाद 126 विद्यार्थियों के दल को चार दलों में बांटकर नेचर ट्रेल शुरू की गई जिसके अंतर्गत शिविरार्थियों को *प्रकृति व्याख्यान* के लिए *माचक नदी के किनारे प्रकृति पथ भ्रमण कराया गया* जिसमें *तितलियों के जीवनचक्र पर चर्चा, *वृक्षों का पर्यावरण में महत्व*, *वन्यप्राणियों की खाद्य श्रृंखला में भूमिका*, *गिद्धों का महत्व* जैसे विषयों पर विस्तार से समझाया गया। मुख्य अतिथि शेर सिंह गिन्नारे कमिश्नर आयकर विभाग उज्जैन एवं वन्य जीव विशेषज्ञ द्वारा वन्यजीवों के महत्व के बारे में जानकारी दी एवं विद्यार्थियों को वन्य जीव संरक्षण एवं संवर्धन में योगदान देने के लिए प्रेरित किया एवं मुख्य अतिथि अनिल चोपड़ा वन मंडल अधिकारी सामान्य वन मंडल हरदा द्वारा विद्यार्थियों को बायोडायवर्सिटी एवं उसके महत्व के बारे में बताते हुए संवहनीय तरीके से प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करने की जानकारी दी।
प्रकृति भ्रमण के दौरान चर्चा किए विषयों पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सभी प्रतिभागियों के द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया।
चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम,द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। शिविर में सभी प्रतिभागियों के भोजन की व्यवस्था भी की गई। भोजन के पश्चात विद्यार्थियों को *बिना सिले कपड़े से थैला बनाने* का प्रदर्शन किया गया। *पेपर बाघ वितरित कर “मैं भी बाघ”* के थीम सॉन्ग का एक बार पुनः संचालन कर शिविर के रोमांच को और बढ़ाया गया। अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पश्चात प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र दिए गए और *सभी को प्रकृति, वन और पर्यावरण संरक्षण की शपथ* दिलाई गई और *प्रो प्लेनेट पीपल (P3)* के समान *Life mission* की *प्रकृति अनुकूल जीवनशैली* को अपने जीवन में अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों से शिविर के अंत में *फीडबैक लिया गया* एवं अनुभूति बुकलेट का पेपर फीडबैक भरवाया गया।
सायंकाल के साथ सफल अनुभूति कार्यक्रम के *एक दिवसीय शिविर का समापन* किया गया।
कार्यक्रम के दौरान *शेर सिंह गिन्नारे कमिश्नर आयकर विभाग उज्जैन एवं वन्य जीव विशेषज्ञ, अनिल चोपड़ा वन मंडल अधिकारी सामान्य वन मंडल हरदा, ओमप्रकाश बिडारे उपवन मंडल अधिकारी दक्षिण हरदा सामान्य, मुकेश रघुवंशी वन परिक्षेत्राधिकारी मगरधा एवं समस्त वन विभाग के कर्मचारी (उप वनक्षेत्रपाल , वनपाल, वनरक्षक एवं अन्य सहयोगी स्टाफ)* उपस्थित रहे ।
हरदा से श्रीराम कुशवाह की रिपोर्ट