कटनी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ संजय वैशम्पायन के मार्ग निर्देशन में एवं कृषि वैज्ञानिकों डॉ अर्पिता श्रीवास्तव डॉ.आर पी बेन एवं डॉ संदीप चंद्रवंशी की उपस्थिति में केवीके कटनी द्वारा सोलर पावर इरिगेशन सिस्टम को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर बोरलॉग दक्षिण एशिया संस्थान (बीआईएसए) जबलपुर के वैज्ञानिक डॉक्टर विवेक सिंह ,डॉक्टर पंकज कुमार , एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी श्री आर के चतुर्वेदी उपस्थित थे l इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले के किसानों को सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई प्रणालियों के लाभ, स्थापना और संचालन के बारे में शिक्षित करना था। जो पारंपरिक डीजल और बिजली चालित प्रणालियों के लिए एक स्थायी विकल्प के रूप में कार्य करता है। प्रशिक्षण सत्र में जिले के 20 कृषि विस्तार अधिकारी, एवं 30 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान डॉ. संजय वैशम्पायन द्वारा किया गया। जिन्होंने कृषि में सौर ऊर्जा अपनाने के महत्व को विस्तार से रेखांकित किया, ताकि उत्पादकता बढ़ाने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण के दौरान कृषि वैज्ञानिक ने सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई प्रणालियों के कार्यप्रणाली पर व्यापक जानकारी दी। किसानों को सौर पैनलों की स्थापना और रखरखाव, उन्हें सिंचाई पंपों से जोड़ने और प्रणाली की दक्षता को अधिकतम करने के लिए व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से मार्गदर्शन दिया गया। वित्तीय लाभ, पीएम-कुसुम योजना के तहत उपलब्ध सरकारी सब्सिडी और सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग की दीर्घकालिक स्थिरता पर विस्तृत चर्चा की गई। किसानों ने इस पर्यावरण-हितैषी तकनीक को अपनाने के लिए बड़ी उत्सुकता दिखाई। उनमें से कई ने स्थापना प्रक्रिया, रखरखाव और लागत, प्रभावशीलता के बारे में प्रश्न उठाया। जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।
हरिशंकर बेन