रिपोर्टर राजकुमार ठाकुर
सिवनी केवलारी- नगर के समीप से वहती वैनगंगा नदी पर बने पुल के किनारे लगभग डेढ़ सौ मीटर की मार्ग पूरी तरह नेस्तनाबूद हो गई है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन के अधिकारियों के उदासीन रवैया के चलते बीते 3 वर्ष से एस एच 11ए से *तन डोले हड्डी बोले* कहावत चरितार्थ करते हुए आवागमन चल रहा है ।दिनांक 23/6/ 2023 को हुई पहली बारिश में ही पुल की एप्रोच मार्ग में ताल तलैया बन गई। दुर्घटना कोआमंत्रित करता स्पाट के सुधार कार्य की जिम्मेदारी तो एमपी आरडीसी की है। समाचार प्रकाशित होने के बाद भी अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ा। एमपीआरडीसी के अधिकारीयों ने इतने गंभीर विषय पर कोई रुचि नहीं दिखाई लेकिन ब्रिज कारपोरेशन के एसडीओ पवन पटवा ने इस बिषय को गंभीरता से लिया नवीन पुल निर्माण कर्ता ठेकेदार के माध्यम से चलने फिरने योग बनाने का काम किया।यु कहे लीपापोती कर फोन से खबर हो गयी कि चकाचक हो गयी।बीते तीन सालों से खराब इस एरिया में 40एम एम मेटल कंसालिडेशन कर 6 एम एम से रोलिंग कर टायरिंग होना चाहिए।सिवनी मंडला राजमार्ग एम पी आर डी सी की सम्पत्ति है।ओर इस मार्ग में मेंटानेंस के नाम पर वर्ष अप्रैल 2022 से मार्च 2023 के बीच किलोमीटर छोड़ छोड़ कर टायरिंग की गई है। विभाग के अधिकारियो को उसी समय इस स्पाट को भी क्लीयर करना था। सिवनी मंडला राजमार्ग मे सिवनी सीमा थांवर नदी तक छोड़ छोड़ कर यु कहे उचट उचट कर की गई टायरिंग भी घाटियां स्तर की है। चार महीने में ही टायरिंग उखड़ना शुरू हो गई।
*पुल के ऊपर के जल निकासी होल पैक पुल के ऊपर भरने लगा पानी*
वैनगंगा पुल के फ्लोर में दोनों साइड में डेढ़ से दो फीट लेयर की सिल्ट जमा होने के कारण पुल के ऊपर जमा होने वाला जल निकल नहीं पा रहा है। फ्लोर के किनारे पर सिल्ट ओर कांक्रीट के कारण जल निकासी होल ब्लॉक्स हो गये है।
जिसके चलते पानी का भराव पुल के ऊपर हो रहा है। इस और ना तो एमपीआरडीसी के अधिकारी ध्यान दे रहे है और ना ही ब्रिज कारपोरेशन विभाग लेकिन वास्तविकता यह है कि पुल के ऊपरी सतह पर जो सिल्ट जमा हुई है उसका दोषी नवीन पुल निर्माण कर्ता मैसर्स राधिका कंस्ट्रक्शन सिवनी है।जिन्होंने पुल के ऊपर से ही नवीन पुल निर्माण का कार्य कांक्रीट, मशीनरी लगाकर किया है।ओर गिरे मटेरियल की सफाई नहीं किया जिसके चलते पुल के किनारे के जल निकासी होल पुरी तरह ब्लाक हो गये है। यदि ऐसे ही पुल में पानी भरता रहा तो निश्चित ही पुल का फ्लोर भी खड्डों में तब्दील हो जायेगा। प्रशासन को इस बिषय पर गंभीर होकर जवाबदेही विभाग को एप्रोच मार्ग के निर्माण एवं पुल के फ्लोर की सफाई के निर्देश देना होगा आम नागरिकों ने जिला कलेक्टर से जांच कराने की मांग की है ,