सीमा कैथवास की रिपोर्ट –
नर्मदापुरम । मकर संक्रांति के अवसर पर रविवार को मां नर्मदा के सेठानी घाट सहित अन्य सभी घाटों पर प्रातः काल से ही भारी भीड़ रही, हजारों की संख्या में श्रद्धालुओ ने विभिन्न घाटों पर स्नान दान के साथ पूजन पाठ किया । रविवार देर रात्रि सेठानी घाट पर श्रद्धालुओं को बीच सड़क पर ही ठंड के बीच सोते हुए देखा गया ।इस दौरान सुभाष चौक से सेठानी घाट तक मार्ग पर स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई जो लाइटिंग थी वह टिमटिमाती हुई नजर आई। अंधेरा छाया रहा , यदि इस दौरान कोई फोर व्हीलर तेज गति से सड़क पर से गुजरे तो वह जानलेवा के साथ बड़ा हादसा का कारण भी बन सकती है। सेठानी घाट पर रात्रि में इस वक्त आवारा मवेशियों सूअर, कुत्ता ,गधा, सांड जैसे आवारा मवेशी धमाचौकड़ी मचाते भी देखी जा सकती है।इस दरमियान यदि किसी के साथ कोई घटना घटती है
तो जवाबदारी किसकी होगी? क्या नगर पालिका प्रशासन ने रात्रि कालीन किसी कर्मचारी की यहां पर ड्यूटी नहीं लगाई हुई है? रैन बसेरे के हाल बेहाल हैं आखिर क्या बात है कि रैन बसेरे में रुका नहीं जा रहा है या भगा दिया जा रहा है? जिसके कारण श्रद्धालु सड़क पर सोने को मजबूर हैं? और कहा गया है कि यहां अलाव भी जलाया जा रहा है परंतु यहां अलाव की व्यवस्था भी अभी नजर नहीं आई कि आखिर कहां कहां अलाव जलाए गए?