प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम/ डॉ.नीतेश कुमार जैन के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई है एवं उनकी क्लिनिक को सील कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि गत 31 अगस्त को वंश उम्र लगभग 6 वर्ष को उनके पिता नंदकिशोर एवं माँ प्रीति लौवंशी निवासी गोलगांव थाना शिवपुर वंश के फोड़े-फुंसी के इलाज के लिए डॉ.नीतेश कुमार जैन के क्लीनिक पर आए थे, जहां डॉ. जैन द्वारा वंश को इंजेक्शन लगाया गया। जिसके कारण वंश की तबियत एक दम से खराब हुई, उसे उल्टी हुई एवं उसका शरीर शिथिल पड़ने लगा ऐसी स्थिति में डॉ. जैन ने वंश के माता-पिता को दूसरी जगह इलाज कराने का परामर्श दिया, वंश के माता-पिता वंश को लेकर शासकीय चिकित्सालय सिवनीमालवा लेकर आए जहाँ उसकी मृत्यु हो गई। वंश की पीएम रिपोर्ट में भी उसकी मृत्यु एक्सपीरिया से होने का लेख है तथा इंजेक्शन लगाने से मरीज की मृत्यु होने की संभावना व्यक्त की गई है। इस संबंध में शासकीय चिकित्सक सीएसएसी सिवनीमालवा डॉ.शेखर रघुवंशी द्वारा डॉ.नीतेश जैन के क्लिनिक की जाँच रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि डॉ. जैन को यूनानी चिकित्सक की अनुमति है तथा एलोपेथिक चिकित्सक की पात्रता नही है। डॉ.जैन द्वारा स्वयं मरीज वंश लौवंशी को इंजेक्शन लगाने की बात स्वीकार की है। वास्तव में डॉ.नीतेश कुमार जैन जोकि सिर्फ यूनानी पद्धति से चिकित्सा के लिए रजिस्टर्ड है के द्वारा ऐलोपेथिक मेडिसन की जानकारी व अनुमति नही होने के बावजूद इंजेक्शन दिया जसके कारण मरीज की मृत्यु हुई है।अनुविभगीय दंडाधिकारी सिवनीमालवा ने बताया है कि प्रथम दृष्टया मरीज वंश पिता नंदकिशोर लौवंशी उम्र 6 वर्ष की मृत्यु डॉ.नीतेश कुमार जैन की लापरवाही एवं गलत इंजेक्शन लगाने के कारण हुई है। अत: उक्त परिप्रेक्ष्य में थाना प्रभारी सिवनीमालवा द्वारा भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 304 एवं मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक अधिनियम की धारा 24 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है एवं खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा डॉ.नीतेश कुमार जैन की सिवनीमालवा में स्थित क्लिनिक को सील कर दिया गया है। मृतक वंश की अंतिम संस्कार 1 सितम्बर 2022 को लगभग 3 बजे आवंलीघाट में किया गया है।