रिपोर्टर बबलू जयसवाल
आपदा प्रबंधन में गांव-गांव में बने सिविल वॉलेन्टियर्स का महत्वपूर्ण योगदान होता है। यह बात कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने आज जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला में कही।
कलेक्टर सुश्री बाफना ने कहा कि गांवों के सिविल वॉलेन्टियर्स एवं मैदानी शासकीय सेवकों एवं कार्यकर्ताओं का आपदा के समय प्रथम रिस्पांस मिलता है। इसलिए मैदानी सिविल वॉलेन्टियर्स, शासकीय सेवकों एवं कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण अत्यावश्यक है। प्रशिक्षण में उपस्थित हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े सिविल वॉलेन्टियर्स को भी कलेक्टर ने शुभकामनाएं एवं बधाई दी। एसडीआरएफ एवं होमगार्ड की टीम अपनी जान जोखिम में डालकर आपदा प्रबंधन कर लोगो की सुरक्षा का काम करते है, उनका यह कार्य सराहनीय है और वे बधाई के पात्र हैं। अग्नि दुर्घटनाएं अक्सर हो जाती है, जिसमें ज्यादातर गैस सिलेण्डर में आग लगने जैसी दुर्घटनाएं होती है। इस प्रकार की आपदा से बचाव के लिए बड़े स्तर पर प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इसी तरह औद्योगिक आपदा प्रबंधन के लिए भी प्रशिक्षण की जरूरत है।
कलेक्टर ने कहा कि आगामी सिहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन जाने के मार्ग के किनारे स्थित ग्रामों के वॉलेन्टियर्स को भी आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है। साथ ही इसके लिए पंचायत स्तर पर ध्यान रखने योग्य क्या-क्या बाते रहेंगी एवं कौन-कौन से उपकरणों की आवश्यकता रहेगी, इसका आंकलन करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए।
स्वागत उदबोधन देते हुए होमगार्ड कमाण्डेट श्री विक्रम सिंह मालवीय ने कहा कि आपदा का कोई स्वरूप नहीं होता है और आपदाएं कभी भी आ सकती है, हमें आपदा प्रबंधन के लिए हर वक्त तैयार रहना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए अधिनियमों की जानकारी भी दी।
प्रशिक्षण में प्रथम सेशन में एमएफआर आपदा एवं प्राथमिक चिकित्सा, चोकिंग, सर्पदंश, सामान्य जल घटित दुर्घटना एवं बचाव, सीपीआर, विक्टिम केरी मेथड सर्पदंश के बारे में चिकित्सा विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इसी तरह द्वितीय सत्र में प्लाटून कमाण्डर श्री कमलेश द्वारा संभावित आपदाएं, पूर्व से तैयारी, प्रबंधन योजना, एफआरटी के बारे में जानकारी दी। तृतीय सत्र में प्लाटून कमाण्डर श्रीमती नम्रता सरावत ने बाढ़ के प्रति संवेदनशीलता, बाढ़ संभावित क्षेत्र, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी, पूर्व से तैयारी एवं बाढ़ की स्थिति में राहत, बचाव कार्य आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया। इसी तरह चतुर्थ सत्र में फायर इंजीनियर श्री शिवराज गुर्जर ने अग्नि आपदा प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया।
इसके पूर्व प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। प्रशिक्षण में पॉलिटेक्निक महाव़िद्यालय के प्राचार्य श्री विपुल परमार्थी, अशासकीय संगठन कंचन वेलफेयर सोसायटी के श्री निवीन वर्मा भी मौजूद थे।