घटना के बाद गांव में छाया रहा मातम,परिजनों का हुआ बुरा हाल, रविवार को उमरियापान थाना क्षेत्र के परसवारा में नर्मदा नहर में हुई थी घटना,4 बच्चियों गई थीं नहर नहाने,तीन के मिले शव ,एक सुरक्षित
उमरियापान:- उमरियापान थाना क्षेत्र के परसवारा में नर्मदा नहर में डूबी तीसरी बच्ची मानवी पटेल का शव घटना के 20 घण्टे बाद मिला। सोमवार सुबह 7 बजे गांव के ग्रामीणों ने नहर में घुसकर बच्ची को खोज निकाला। दो बेटियों के पिता के पुणे से वापस लौटने के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे गमगीन माहौल में मिट्टी संस्कार किया गया।तीन बच्चियों के एक साथ मिट्टी संस्कार होने से पूरा गांव स्तब्ध रहा।शव परीक्षण के बाद दोनों बच्चियों के शव को रात के समय घर में फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया। वहीं रात भर गांव के लोग घटना स्थल के समीप बने रहे।
थाना प्रभारी दिनेश तिवारी ने बताया कि सोमवार सुबह ग्रामीणों की मदद से मानवी पटेल (8) का शव नहर से निकाला गया। बच्ची नहर के पानी में नीचे चोई घास में थी। नहर का पानी कम कराया गया था,जिससे दूसरे दिन बच्ची को जल्दी निकाला गया। शव परीक्षण के बाद बच्ची को परिजनों के हवाले किया। दरअसल रविवार सुबह करीब 11बजे परसवारा गांव की दो सगी बहनें सिद्धिका पटेल (12)और मानवी पटेल (8) व अंशिका पटेल (14)और अनन्या पटेल (11) नर्मदा नहर के सीढ़ीनुमा घाट नहाने गई थीं।एक एक करके चारों बच्चियां नहर में डूब गई।ग्रामीणों ने तीन बच्चियों को नहर से निकाला।जिसमें अनन्या बिल्कुल सुरक्षित है।जबकि अंशिका और सिद्धिका की सांसें थम गई।पुलिस ने होमगार्ड और गोताखोर टीम के साथ 6 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया लेकिन रविवार को चौथी बच्ची मानवी नहीं मिली थी।
बिन बेटियों के रह गया दोनों भाइयों का परिवार :- पुणे से काम कर लौटे कौशल पटेल की दो बेटियां सिद्धिका और मानवी थी।जबकि चचेरे भाई बसंत पटेल की भी एक बेटी अंशिका थीं।अचानक हुई भयावह घटना के बाद चचेरे दोंनो भाइयों का परिवार बिन बेटियों का रह गया।घटना के दूसरे दिन भी परिजनों और नाते रिश्तेदारों का रो रोकर बुरा हाल रहा।
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी