निर्धारित अवधि में राशि जमा न होने पर किये जायेगें भवन अनुज्ञा प्रकरण निरस्त*
जबलपुर। निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव के निर्देशानुसार भवन शाखा द्वारा नगर निगम सीमान्तर्गत भवन अनुज्ञा प्रकरण ऑन लाईन बिल्डिंग एप्रूवल सिस्टम (एबीपीएएस-2) के माध्यम से निराकृत किये जा रहे है। भवन अनुज्ञा प्रकरणों में निगम अधिरोपित शुल्कों का भुगतान वास्तुविद यंत्री के कंसोल से किए जाने का प्रावधान है। भवन अधिरोपित शुल्को को 15 दिवस में जमा किए जाने की समय सीमा म0प्र0 भूमि विकास नियम 2012 के नियम 21 (घ) में वर्णित है। निगम भवन शाखा द्वारा वास्तुविद यंत्रियों को इस संबंध में सूचना पत्र में सूचित किया जाता रहा है। इस संबंध में भवन अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि भवन अनुज्ञा प्रकरणों पर भवन स्वामी द्वारा वर्ष 2020-2021 से अधिरोपित राशि जमा नही की गई है, जिससे अनावश्यक रूप से लंबित सूची में दर्ज हैं, जिसे सूची से पृथक किया जाना है। भवन स्वामी अपने पंजीकृत वास्तुविदों से सम्पर्क कर 15 दिवस के भीतर भवन अनुज्ञा प्रकरण में अधिरोपित राशि जमा करावें। अतः भवन स्वामी यथाशीघ्र अपने अपने भवन अनुज्ञा प्रकरणों पर अधिरोपित शुल्कों का भुगतान कर निगम की अप्रिय कार्यवाही से बचें।
उन्होंने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि बहुमंजिला भवन की भवन अनुज्ञा की दशा में कोई भवन जो पूर्ण रूपेण निवास के लिए आशयित हो के लिए निर्मित क्षेत्र का रूपये 10 प्रति वर्गमीटर, कोई भवन जो दुकान, भंडार घर, कारखाना या व्यापार या व्यवसाय चलाने के लिए अथवा किसी अन्य वाणिज्यिक या औद्योगिक प्रयोजन के लिए उपयोग किये जाने हेतु आशयित हो के लिए मद क्रमांक 1 में यथाविहित शुल्क तथा शुल्क की रकम का 100 प्रतिशत अतिरिक्त प्रभार, कोई भवन जो किसी कारखाने में प्रशासनिक खंड के रूप में उपयोग किये जाने के लिए आशयित हो के लिए मद क्रमांक 1 में यथाविहित शुल्क, कोई भवन जो दुकान सहनिवास के प्रयोजन के लिए आशयित हो के लिए मद क्रमांक 1 में यथाविहित शुल्क तथा शुल्क की रकम का 50 प्रतिशत अतिरिक्त प्रभार एवं कोई भवन जो किसी विशेष सामाजिक, धर्मार्थ, सांस्कृतिक, शैक्षणिक प्रयोज, जिसमें चिकित्सालय, विद्यालय, क्लब, धर्मशाला तथा इसी प्रकार के भवन सम्मिलित हैं, के लिए तथा किसी अन्य प्रयोजन के लिए जिसके लिए विनिर्दिष्ट रूप से उपबंध न हो, उपयोग किये जाने के लिए आशयित हो के लिए मद क्रमांक 1 में यथाविहित शुल्क है।